दोस्त ने अपनी गर्लफ्रेंड की रसीली चूत मुझे गिफ्ट दिया

antarvasnasexystories.com मैं रायबरेली का रहने वाला हूँ। यही मेरा घर है। मैं 6 फुट का गबरू जवान लड़का हूँ। मेरी उम्र 24 साल है। मैं काफी हट्टा कट्टा हूँ और मेरी तुन्दुरुस्त बॉडी बनी हुई है। मेरा सीना 56” का है और मेरा लंड 8” लम्बा है। मुझे सेक्स और चुदाई करना बहुत पसंद है। मैं रोज किसी ना किसी लड़की के साथ चुदाई का मजा लेता हूँ। बिना इसके मेरा एक दिन भी नही करता है। मेरे लंड में इतनी दम है की मैं एक साथ 6 जवान चुदासी लड़कियों को चोदकर संतुस्ट कर सकता हूँ। आज मैं आपको अपनी सेक्सी स्टोरी सूना रहा हूँ। आशा है आपको ये पसंद आएगी। मेरी गर्लफ्रेंड अनामिका कुछ दिनों के लिए जयपुर अपने कॉलेज के टूर पर चली गयी थी। जब वो मेरे पास थी मैं उसकी रोज चूत बजाता था। उससे गर्मागर्म सेक्स करता था। पर अब वो 2 हफ्तों के लिए जयपुर चली गयी थी। इसलिए अब मुझे किसी जवान लड़की की बुर चोदने की तलब बहुत जादा लग रही थी। मेरा शाम को मैं अपने बेस्ट फ्रेंड मयंक से मिलने गया था।
“कैसा है भाई??? क्या हाल है तेरा????” मयंक मुझसे पूछने लगा
“क्या बताऊं यार अनामिका बाहर अपने कॉलेज के टूर पर चली गयी है और इधर मुझे कोई चूत भी नही मिल रही है। काश किसी माल का इंतजाम हो जाता” मैंने मुंह फुलाते हुए कहा

“यार मेरी गर्लफ्रेंड पारुल तो मस्त है। जब उससे चूत मागंता हूँ, बिना किसी नखडे के दे देती है। कोई नाटक नही करती” मयंक बोला

“सही है भाई” मैंने कहा
उसके बाद मयंक ने अपना स्मार्टफोन निकाला है मुझे पारुल की चुदाई का विडियो दिखाने लगा। मैंने आराम से एक पार्क में बैठकर वो विडियो देखा। उसकी गर्लफ्रेंड पूरी तरह से नंगी थी। मयंक उसके 38” के शानदार बूब्स पी रहा था। जी भर कर चूस रहा था। फिर वो पारुल की बुर पीने लगा। मैंने विडियो में देखा की पारुल की चूत बेहद रसीली और उभरी हुई थी और खूब बड़ी थी चूत थी। देखकर ही मेरे मुंह में पानी जा गया था। मेरा 8” का लंड तुरंत खड़ा हो गया था। मन कर रहा था की अभी जाकर पारुल को चोद लूँ। मैंने आराम से पार्क में बैठकर पारुल की चुदाई वाला विडियो देखा। मुझे बहुत आनंद आया। खूब मजा मिला।
“भाई मयंक दिला दे यार पारुल की रसीली (चूत)???” मैंने कहा

“पागल है क्या?? वो कोई रंडी छिनाल माल नही है। मेरी गर्लफ्रेंड है। क्या तू अपनी गर्लफ्रेंड अनामिका की चूत क्या मुझे दिला सकता है??” मयंक बोला।

उसकी बात सुनकर मैं चुप हो गया था। हम सारे लड़के दुसरे की गर्लफ्रेंड को चोदना चाहते है पर कभी अपनी गर्लफ्रेंड की किसी दूसरे मर्द से नही चुदवाते है। इस तरह वो बात वही खत्म हो गयी थी। रात में मैं घर आया तो सीधा अपने कमरे में गया। मैंने पारुल की सेक्सी चुदाई वाला विडियो देख देखकर मुठ मार ली। कुछ दिनों बाद मयंक मेरे पास आया। वो 2 हजार रुपयों की सख्त जरूरत थी। वो मुझसे 2 हजार रूपए मांग रहा था। उसने अपने पापा की कार को किसी पेड़ से टकरा दिया था। और कार पर डेंट आ गया था। इसलिए अब मयंक कार को जल्दी से ठीक करवाना चाहता था। 
“भाई कबीर कैसे भी करके मुझे पैसे दे दे” मयंक बोला
“पैसे तुझे मिल जाएंगे पर मुझे इसके बदले क्या मिलेगा” मैंने कहा और मैं हँसने लगा
“तुझे क्या चाहिये??” मयंक ने पूछा
“पारुल की भरी हुई गदराई चूत दिला दे” मैंने कहा
“डन!! शाम को मैंने पारुल को लेकर तेरे घर आ जाऊंगा। तू उसे चोद लेना” मयंक बोला

दोस्तों मैं बहुत खुश था। मैंने अपने बेस्ट फ्रेंड मयंक को 2 हजार रूपए निकाल कर दे दिए। शाम को मैंने पारुल का बेसब्री से इन्तजार करने लगा। मैंने अच्छी तरह से नहा लिया था और अपनी झाटे अच्छे से बना ली थी। मैंने लंड को साबुन से मल मल कर चमका दिया था। फिर मैंने एक साफ धुली टी शर्ट और जींस पहन ली थी। कुछ देर में मयंक अपनी खूबसूरत, जवान और चुदासी गर्लफ्रेंड को लेकर मेरे घर आ गया। पारुल को देखकर मैं बहुत खुश था। वो मुस्कुरा रही थी। मैंने दोनों को लॉबी में ले गया और दोनों को कोल्ड्रिंक दी। कुछ देर बाद मयंक चला गया। मैंने पारुल को कमरे में ले गया और हम दोनों सोफे पर बैठ गये। धीरे धीरे मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और किस करने लगा। वो बराबर हंसती जा रही थी।
“तुम हंस क्यों रही हो???” मैंने उससे पूछा
“आज पहली बार मैं किसी गैर मर्द से चुद रही हूँ इसलिए मुझे हंसी आ रही है।

दोस्तों पारुल बहुत खुले दिमाग की लकड़ी थी। सेक्स के मामले में वो काफी खुली हुई थी। उसे रोज सेक्स करना पसंद था। उसे रोज मोटा लंड चूत में लेना बेहद पसंद था। पायल बहुत गोरी और सुंदर लड़की थी। उसका बदन बहुत गोरा, भरा हुआ और सुडौल था। फिगर कमाल का था। वो बहुत सेक्सी और हॉट माल थी। 34, 28, 30 का फिगर था उसका। छरहरा और बिलकुल फिट जिस्म था। वो 20 साल की एक जवान, आकर्षक नवयौवना है। उसके बदन की खाल तो इतनी गोरी और मुलायम थी की स्वर्ग की अफ़सराये भी उससे शरमा जाए। उसके ओठ, मम्मे, रेशमी काले बाल उसकी खूबसूरती बढ़ा देते थे। उसकी लचकती छरहरी पतली कमर बहुत कामुक थी और चूत सबसे जादा बहुत मस्त थी। पायल को सेक्स करना बहुत पसंद था। उसके मम्मे 34” के थे। बहुत बड़े बड़े गोल गोल और रसीले थे। कोई भी लड़का उसके नंगे बूब्स को अगर एक बार देख लेता तो उसे चोदकर ही मानता। पारुल इतनी खूबसूरत माल थी।
उसकी बात सुनकर मैं समझ गया की वो मुझे खुलकर चुदाई का महासुख देगी। फिर मैंने सोफे पर बैठे बैठे ही उसे पकड़ लिया और बाहों में भरने लगा। पारुल ने बड़ा अच्छा सा सेंट लगाया था। वो सिर से पाँव तक खुश्बू से महक रही थी। मैंने उसे बाहों में भर लिया और उसके गालो पर किस करने लगा। दोस्तों पारुल के गाल तू इतने मुलायम थे की मैं आपको क्या बताऊं। मैं बार बार उसके गालों को हाथ से सहला रहा था और किस कर रहा था। पारुल ने जींस टॉप पहन रखा था। उसका टॉप झक सफ़ेद कलर का था। और जींस नीली रंग की थी। फिर मैंने उसे अपनी गोद में बिठा लिया और उसके होठ चूसने लगा। मुझे जन्नत जैसा मजा मिल रहा था। पारुल अपूर्व सुंदरी थी। उसकी ऑंखें तो ऐशवर्या  की तरह नीली नीली थी। वो भी मेरा पूरा सहयोग कर रही थी। हम दोनों ने काफी देर तक किस किया। दोस्तों उसके ओंठ तो गुलाबी गुलाबी और बिलकुल अंगूर जैसे थे। मैने जी भरकर उसके रसीले होठ चूसे।

“जान अपना टॉप उतारो” मैंने पारुल से कहा
उसने अपने दोनों हाथ उपर किये और टॉप निकाल दिया। फिर ब्रा भी खोल दी। फिर मैंने पारुल को बिस्तर पर लिटा था। उसके खुले काले लम्बे बाल और उपर से उसका गोरा गदराया जिस्म तो जैसे मुझ पर कहर ढा रहे थे। उसकी आँखों में शर्म थी। मैंने अपने हाथ पारुल के 34 के बड़े बड़े गोल गोल मम्मो पर रख दिए। उसने अपनी आँखें बंद कर ली। मैं नीचे की ओर झुका और एक बार फिर से मैंने उसके रसीले होठो का स्वाद लिया। अब मेरा फोकस उसके रसीले मम्मो पर था। ओह्ह्ह्ह….कितने बड़े बड़े और कितने गोल गोल। यही मेरी पहली प्रतिक्रिया थी। मैंने पारुल के दूध को दबाना शुरू कर दिया। उसने कुछ नही कहा। क्यूंकि वो भी आज चुदाई के फुल मूड में थी। मेरी उँगलियाँ उसके गोल गोल बूब्स पर नाचने लगी और उसे दबाने लगी। “….हाईईईईई, उउउहह, आआअहह” पारुल के मुंह से निकला। धीरे धीरे मुझे मजा आने लगा और मैं तेज तेज उसके दूध दबाने लगा।

कितने मुलायम मक्खन जैसे नर्म स्तन थे उसके। मैं कितना किस्मत वाला हूँ की आज इस कुवारी लौंडिया के दूध अपने हाथ से दबाने को मिल रहे है। धीरे धीरे मेरी वासना बढती गयी और मैं तेज तेज पारुल के टमाटर [यानी उसके चुच्चे] दबाने लगा। बड़ी बड़ी नुकीली गदराई सुंदर छातियों को हाथ में लेकर मुझे गर्व का अहसास हो रहा था। पारुल की चूचियों के निपल्स के चारो ओर 5 6 सेंटीमीटर की चौड़ाई वाले लाल लाल घेरे थे जो बरबस ही मेरा ध्यान खीच रहे थे। हिन्दुस्तान में जादातर लड़कियों के निपल्स के चारो ओर काले घेरे होते है पर कुछ के भूरे या गहरे लाल रंग के घेरे होते है। पारुल उन कुछ लड़कियों में से एक थी जिसकी चूचियों की निपल्स के चारो ओर लाल लाल अनार जैसे रंग वाले घेरे थे। लग रहा था की मैंने किसी अनार को हाथ में ले रखा था। फिर मैंने तेज तेज पारुल के अनार दबाने लगा और मुंह में लेकर पीने लगा। मैंने पारुल की चूत में अपना 8 इंची लौड़ा सरका दिया और मजे से चोदने लगा। किसी चुदासी छिनाल की तरह मैं उसकी दोनों दूधिया जांघे मैंने एक के उपर क्रोस करके रख दी और दोनों पैरो को कसके हाथ से पकड़ के पक पक पारुल को चोदने लगा।

वो “आआआअह्हह्हह….ईईईईईईई…ओह्ह्ह्हह्ह….अई—अई—अई….अई….” करके चिल्ला रही थी। दोंनो टांगो को क्रोस करके रखने से उसकी चूत उपर की तरफ फूल गयी थी और उसमे मुझे बड़ी गहरी पकड़ मिलने लगी और मैं गचागच उसको चोदने लगा। दोस्तों सबसे कमाल की बात थी की मेरी मयंक की गर्लफ्रेंड की चूत बिलकुल गुलाबी और रबड़ी जैसी थी। हम दोनों सेक्स में इतने भूखे थे की पारुल को पता ही नही चला की कब उसकी चूत में मेरा 8” मोटा लंड घुस गया। मैं आज इस खूबसूरत माल लड़की को घपाघप ठोंक रहा था। मैं जोर जोर से अपने धक्के लगा रहा था उसकी रसीली चूत में। पारुल मेरा विशाल लंड खा रही थी और मजे से चुदवा रही थी। वो “…सी सी सी सी.. हा हा हा ….ऊऊऊ ….ऊँ…ऊँ….ऊँ….उनहूँ उनहूँ….हाईईईईई, उउउहह, आआअहह” पारुल गर्म सांसे ले रही थी। कुछ देर बाद मैंने ढेर सारा माल उसकी चूत में छोड़ दिया। मैंने मैं मयंक की हॉट और सेक्सी गर्लफ्रेंड को किस करने लगा। उसके रसीले बूब्स को मैंने काफी देर तक हाथो से दबाया और मुंह में लेकर फिर से चूसा। जिन्दगी स्वर्ग सी बन गयी थी।

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